Hindi 2018 Class 10

SET-1

 

सामान्य निर्देश :

(i) इस प्रश्न-पत्र में चार खंड हैं – क, ख, ग और घ ।

(ii) चारों खंडों के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।

(iii) यथासंभव प्रत्येक खंड के उत्तर क्रमश: दीजिए।

 

खंड ‘क’

 

  1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में

लिखिए :

महात्मा गांधी ने कोई 12 साल पहले कहा था –

मैं बुराई करने वालों को सजा देने का उपाय ढूँढ़ने लगूं तो मेरा काम होगा उनसे प्यार करना और धैर्य तथा नम्रता के साथ उन्हें समझाकर सही रास्ते पर ले आना । इसलिए असहयोग या सत्याग्रह घृणा का गीत नहीं है । असहयोग का मतलब बुराई करने वाले से नहीं, बल्कि बुराई से असहयोग करना है।

आपके असहयोग का उद्देश्य बुराई को बढ़ावा देना नहीं है। अगर दुनिया बुराई को बढ़ावा देना बंद कर दे तो बुराई अपने लिए आवश्यक पोषण के अभाव में अपने-आप मर जाए । अगर हम यह देखने की कोशिश करें कि आज समाज में जो बुराई है, उसके लिए खुद हम कितने ज़िम्मेदार हैं तो हम देखेंगे कि समाज से बुराई कितनी जल्दी दूर हो जाती है । लेकिन हम प्रेम की एक झूठी भावना में पड़कर इसे सहन करते हैं । मैं उस प्रेम की बात नहीं करता, जिसे पिता अपने गलत रास्ते पर चल रहे पुत्र पर मोहांध होकर बरसाता चला जाता है, उसकी पीठ थपथपाता है ; और न मैं उस पुत्र की बात कर रहा हूँ जो झूठी पितृभक्ति के कारण अपने पिता के दोषों को सहन करता है । मैं उस प्रेम की चर्चा नहीं कर रहा हूँ। मैं तो उस प्रेम की बात कर रहा हूँ, जो विवेकयुक्त है और जो बुद्धियुक्त है और जो एक भी गलती की ओर से आँख बंद नहीं करता । यह सुधारने वाला प्रेम है।

(क) गांधीजी बुराई करने वालों को किस प्रकार सुधारना चाहते हैं ?

(ख) बुराई को कैसे समाप्त किया जा सकता है ?

(ग) ‘प्रेम’ के बारे में गांधीजी के विचार स्पष्ट कीजिए ।

(घ) असहयोग से क्या तात्पर्य है ?

(ङ) उपर्युक्त गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए।

 

  1. निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए :

तुम्हारी निश्चल आँखें

तारों-सी चमकती हैं मेरे अकेलेपन की रात के आकाश में

प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता है

ज़रूर दिखाई देती होंगी नसीहतें

नुकीले पत्थरों-सी

दुनिया भर के पिताओं की लंबी कतार में

पता नहीं कौन-सा कितना करोड़वाँ नंबर है मेरा

पर बच्चों के फूलोंवाले बगीचे की दुनिया में

तुम अव्वल हो पहली कतार में मेरे लिए

मुझे माफ़ करना मैं अपनी मूर्खता और प्रेम में समझता था

मेरी छाया के तले ही सुरक्षित रंग-बिरंगी दुनिया होगी तुम्हारी

अब जब तुम सचमुच की दुनिया में निकल गई हो

मैं खुश हूँ सोचकर

कि मेरी भाषा के अहाते से परे है तुम्हारी परछाई ।

(क) बच्चे माता-पिता की उदासी में उजाला भर देते हैं – यह भाव किन पंक्तियों में आया है ?

(ख) प्राय: बच्चों को पिता की सीख कैसी लगती है ?

(ग) माता-पिता के लिए अपना बच्चा सर्वश्रेष्ठ क्यों होता है ?

(घ) कवि ने किस बात को अपनी मूर्खता माना है और क्यों ?

(ङ) भाव स्पष्ट कीजिए : ‘प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता।’

 

खंड ‘ख’

 

3. रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए। अपने गाँव की मिट्टी छूने के लिए मैं तरस गया ।

 

4. निर्देशानुसार उत्तर लिखिए।


(क) मॉरीशस की स्वच्छता देखकर मन प्रसन्न हो गया।

(मिश्र वाक्य में बदलिए)

(ख) गुरुदेव आराम कुर्सी पर लेटे हुए थे और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे थे।

(सरल वाक्य में बदलिए)

(ग) बालगोबिन जानते हैं कि अब बुढ़ापा आ गया।

(आश्रित उपवाक्य छाँटकर भेद भी लिखिए)

 

5.(क) ‘हास्य’ रस का एक उदाहरण लिखिए ।

(ख) निम्नलिखित पंक्तियों में रस पहचान कर लिखिए : मैं सत्य कहता हूँ सखे ! सुकुमार मत जानो मुझे, यमराज से भी युद्ध को प्रस्तुत सदा मानो मुझे।

(ग) ‘रति’ किस रस का स्थायी भाव है ?

(घ) ‘करुण’ रस का स्थायी भाव क्या है ?

 

 

6. निर्देशानुसार वाच्य बदलिए ।

(क) जिस आदमी ने पहले-पहल आग का आविष्कार किया होगा, वह कितना बड़ा आविष्कर्ता होगा।

(कर्तृवाच्य में)

(ख) खबर सुनकर वह चल भी नहीं पा रही थी।

(भाववाच्य में)

(ग) देशभक्तों की शहादत को आज भी याद किया जाता है।

(कर्तृवाच्य में)

(घ) मई महीने में शीला अग्रवाल को कॉलेज वालों ने नोटिस थमा दिया।

(कर्मवाच्य में)

 

खंड ‘ग’

 

7. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए :

 

(क) बादलों की गर्जना का आह्वान कवि क्यों करना चाहता है ? ‘उत्साह’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

(ख) ‘कन्यादान’ कविता में व्यक्त किन्हीं दो सामाजिक कुरीतियों का उल्लेख कीजिए।

(ग) संगतकार की हिचकती आवाज उसकी विफलता क्यों नहीं है ?

(घ) जयशंकर प्रसाद के जीवन के कौन से अनुभव उन्हें आत्मकथा लिखने से रोकते हैं ?

 

8. “आज आपकी रिपोर्ट छाप दूं तो कल ही अखबार बंद हो जाए” – स्वतंत्रता संग्राम के दौर में समाचार

पत्रों के इस रवैये पर ‘एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा’ के आधार पर जीवन-मूल्यों की दृष्टि से लगभग 150 शब्दों में चर्चा कीजिए।

अथवा

‘मैं क्यों लिखता हूँ’, पाठ के आधार पर बताइए कि विज्ञान के दुरुपयोग से किन मानवीय मूल्यों की क्षति होती है ? इसके लिए हम क्या कर सकते हैं ?

 

9. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए :

जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में ही सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए । महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है; वरना तो देशभक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है।

दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया । ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।। (क) दूसरी बार मूर्ति देखने पर हालदार साहब को उसमें क्या परिवर्तन दिखाई दिया ? (ख) हालदार साहब को कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों ? (ग) “देशभक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है।’ – इस पंक्ति में देश और लोगों की किन स्थितियों की ओर संकेत किया गया है ?

 

10. निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए :

हमारे हरि हारिल की लकरी। मन क्रम बचन नंद-नंदन उर, यह दृढ़ करि पकरी । जागत सोवत स्वप्न दिवस-निसि, कान्ह-कान्ह जक री। सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यौं करुई ककरी । सु तौ ब्याधि हमकौं लै आए, देखी सुनी न करी ।

यह तौ ‘सूर’ तिनहिं ले सौंपौ, जिनके मन चकरी ।

(क) “तिनहिं लै सौंपौ’ में किसकी ओर क्या संकेत किया गया है ?

(ख) गोपियों को योग कैसा लगता है ? क्यों ?

(ग) “हारिल की लकरी’ किसे कहा गया है और क्यों ?

 

11. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए :

(क) ‘काशी में बाबा विश्वनाथ और बिस्मिल्लाखाँ एक-दूसरे के पूरक हैं’ – कथन का क्या आशय

(ख) वर्तमान समाज को ‘संस्कृत’ कहा जा सकता है या ‘सभ्य’ ? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

(ग) ‘बालगोबिन भगत’ पाठ में किन सामाजिक रूढ़ियों पर प्रहार किया गया है ?

(घ) महावीर प्रसाद द्विवेदी शिक्षा-प्रणाली में संशोधन की बात क्यों करते हैं ?

 

खंड ‘घ’

 

12. आपके क्षेत्र के पार्क को कूड़ेदान बना दिया गया था । अब पुलिस की पहल और मदद से पुन: बच्चों के

लिए खेल का मैदान बन गया है । अत: आप पुलिस आयुक्त को धन्यवाद पत्र लिखिए ।

अथवा

पटाखों से होने वाले प्रदूषण के प्रति ध्यान आकर्षित करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए ।

 

13. पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगभग 50 शब्दों में एक विज्ञापन तैयार कीजिए।

अथवा विद्यालय के वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा निर्मित हस्तकला की वस्तुओं की प्रदर्शनी के प्रचार हेतु लगभग 50 शब्दों में एक विज्ञापन लिखिए ।

 

  1. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर 200 से 250 शब्दों में निबंध लिखिए :

(क) बीता समय फिर लौटता नहीं

  • समय

समय का महत्त्व

समय नियोजन

समय गँवाने की हानियाँ

(ख) महानगरीय जीवन

  • विकास की अंधी दौड़
  • संबंधों का ह्रासदिखावा

(ग) पर्यों का बदलता स्वरूप

तात्पर्य

परंपरागत तरीके

बाजार का बढ़ता प्रभाव