Hindi 2017 Class 12

खण्ड क

 

1.निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

दबाव में काम करना व्यक्ति के लिए अच्छा है या नहीं, इस बात पर प्रायः बहस होती है । कहा जाता है कि व्यक्ति अत्यधिक दबाव में नकारात्मक भावों को अपने ऊपर हावी कर लेता है, जिससे उसे अक्सर कार्य में असफलता प्राप्त होती है । वह अपना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी खो बैठता है । दबाव को यदि ताक़त बना लिया जाए, तो न सिर्फ सफलता प्राप्त होती है, बल्कि व्यक्ति कामयाबी के नए मापदंड रचता है । ऐसे बहुत सारे उदाहरण हैं जब लोगों ने अपने काम के दबाव को अवरोध नहीं, बल्कि ताक़त बना लिया । ‘सुख-दुख, सफलता-असफलता, शान्ति-क्रोध और क्रिया-कर्म हमारे दृष्टिकोण पर ही निर्भर करता है ।’ जोस सिल्वा इस बात से सहमत होते हुए अपनी पुस्तक यू द हीलर में लिखते हैं कि मन-मस्तिष्क को चलाता है और मस्तिष्क शरीर को । इस तरह शरीर मन के आदेश का पालन करता हुआ काम करता है ।

दबाव में व्यक्ति यदि सकारात्मक होकर काम करे, तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में कामयाब होता है । दबाव के समय मौजूद समस्या पर ध्यान केंद्रित करने और बोझ महसूस करने की बजाय यदि यह सोचा जाए कि हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं, जो एक कठिन चुनौती को पूरा करने के लिए तत्पर हैं, तो हमारी बेहतरीन क्षमताएँ स्वयं जागृत हो उठती हैं । हमारा दिमाग़ जिस चीज़ पर भी अपना ध्यान केंद्रित करने लगता है, वह हमें बढ़ती प्रतीत होती है । यदि हम अपनी समस्याओं के बारे में सोचेंगे, तो वे और बड़ी होती महसूस होंगी । अगर अपनी शक्तियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो वे भी बड़ी महसूस होंगी । इस बात को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि ‘जीतना एक आदत है, पर अफ़सोस ! हारना भी आदत ही है।’

(क) दबाव में काम करने के नकारात्मक प्रभाव समझाइए ।

(ख) दबाव हमारी सफलता का कारण कब और कैसे बन सकता है ? दबाव में सकारात्मक सोच क्या हो सकती है ? स्पष्ट कीजिए ।

(घ) काम करने की प्रक्रिया में मन, मस्तिष्क और शरीर के संबंध को अपने शब्दों में समझाइए।

(ङ) आशय स्पष्ट कीजिए : ‘जीतना एक आदत है, पर अफ़सोस ! हारना भी आदत ही है।’

(च) गद्यांश के केंद्रीय भाव को लगभग 20 शब्दों में लिखिए ।

(छ) अपनी क्षमताओं को जगाने में या समस्याओं को बड़ा महसूस करने में हमारी सोच की

क्या भूमिका है ? (ज) उपर्युक्त गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए ।

 

2.निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

मन-दीपक निष्कंप जलो रे ! सागर की उत्ताल तरंगें, आसमान को छू-छू जाएँ डोल उठे डगमग भूमंडल अग्निमुखी ज्वाला बरसाए धूमकेतु बिजली की द्युति से, धरती का अंतर हिल जाए फिर भी तुम ज़हरीले फन को

कालजयी बन उसे दलो रे ! कदम-कदम पर पत्थर, काँटे पैरों को छलनी कर जाएँ श्रांत-क्लांत करने को आतुर क्षण-क्षण में जग की बाधाएँ मरण गीत आकर गा जाएँ दिवस-रात, आपद-विपदाएँ फिर भी तुम हिमपात तपन में बिना आह चुपचाप जलो रे !

(क) कविता किसे संबोधित है और उसे क्या करने को कहा गया है ?

(ख) कालजयी बनकर कैसी बाधाओं का दलन करने को कहा गया है ?

(ग) पत्थर, काँटे किसके प्रतीक हैं ? वे क्या कर सकते हैं ?

(घ) धरती का अंतर कैसे, क्यों हिल जाता है ?

(ङ) आशय स्पष्ट कीजिए : ‘मन-दीपक निष्कंप जलो रे !’

 

खण्ड ख

  1. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए :

(क) पड़ोसी देश

(ख) मनोरंजन की दुनिया

(ग) विकास के पथ पर भारत

(घ) नारी-सशक्तीकरण

 

4.निकट के शहर से आपके गाँव तक की सड़क का रख-रखाव संतोषजनक नहीं है । मुख्य अभियंता, लोक-निर्माण विभाग को एक पत्र लिखकर तुरन्त कार्यवाही का अनुरोध कीजिए । समस्या के निदान के लिए एक सुझाव भी दीजिए ।

अथवा किसी पर्यटन स्थल के होटल के प्रबंधक को निर्धारित तिथियों पर होटल के दो सुइट् (कमरे) आरक्षित करने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखिए । पत्र में उन्हें कारण भी बताइए कि आपने वही होटल क्यों चुना।

 

5.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए :

(क) संचार का महत्त्व दो बिन्दुओं में समझाइए ।

(ख) ‘समाचार’ शब्द को परिभाषित कीजिए ।

(ग) इंटरनेट पत्रकारिता के दो लाभ लिखिए ।

(घ) “फ़ोन इन’ का आशय समझाइए ।

(ङ) समाचार-लेखन के छह ककार क्या हैं ?

6.‘स्वच्छ भारत : स्वस्थ भारत’ अथवा ‘वन रहेंगे : हम रहेंगे’ विषय पर एक फ़ीचर लिखिए।

7.‘भ्रूण-हत्या की समस्या’ अथवा ‘बेमेल विवाह’ विषय पर एक आलेख लिखिए ।

 

खण्ड ग

 

8.निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

अट्टालिका नहीं हैं रे आतंक-भवन सदा पंक पर ही होता जल-विप्लव प्लावन क्षुद्र प्रफुल्ल जलज से सदा छलकता नीर रोग-शोक में भी हँसता है शैशव का सुकुमार शरीर ।

(क) कवि अट्टालिकाओं को आतंक-भवन क्यों मानता है ?

(ख) पंक’ और ‘विप्लव’ का प्रतीकार्थ क्या है ?

(ग) ‘जलज’ किसे मानेंगे ? उसके विशेषणों के प्रयोग सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए ।

(घ) काव्यांश का केंद्रीय भाव समझाइए ।

अथवा

जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है जितना भी उँडेलता हूँ, भर-भर फिर आता है दिल में क्या झरना है ? मीठे पानी का सोता है भीतर वह, ऊपर तुम मुसकाता चाँद ज्यों धरती पर रात भर मुझ पर त्यों तुम्हारा ही खिलता वह चेहरा है ।

(क) ‘तुम’, ‘तुम्हारा’ सर्वनाम किसके लिए प्रयुक्त हुए हैं ? आप ऐसा क्यों मानते हैं ?

(ख) उस ‘अनजान रिश्ते’ पर टिप्पणी कर बताइए कि उसका कवि पर क्या प्रभाव पड़ रहा

(ग)आशय स्पष्ट कीजिए :“दिल में क्या झरना है ? मीठे पानी का सोता है”

(घ) काव्यांश के आधार पर कवि की मन:स्थिति पर टिप्पणी कीजिए ।

 

9. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

आँगन में लिए चाँद के टुकड़े को खड़ी हाथों पे झुलाती है उसे गोद-भरी रह-रह के हवा में जो लोका देती है

गूंज उठती है खिलखिलाते बच्चे की हँसी ।

(क) काव्यांश किस छंद में है ? उसका लक्षण बताइए ।

(ख) काव्यांश में रूपक अलंकार के सौंदर्य को स्पष्ट कीजिए ।

(ग) काव्यांश की भाषा की दो विशेषताएँ लिखिए ।

 

  1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

3+3=6 (क) ‘बच्चन’ के संकलित गीत में दिन ढलते समय पथिकों और पक्षियों की गति में तीव्रता

और कवि की गति में शिथिलता के कारण लिखिए । (ख) बात की चूड़ी मरने और उसे सहलियत से बरतने से कवि का क्या अभिप्राय है ? ‘बात

सीधी थी पर’ कविता के आधार पर लिखिए । (ग) “ ‘धूत कहौ, अवधूत कहौ ….’ सवैये में तुलसीदास का स्वाभिमान प्रतिबिंबित होता

है ।” इस कथन की पुष्टि कीजिए ।

  1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

इस सद्भाव के ह्रास पर आदमी आपस में भाई-भाई और सुहृद और पड़ोसी फिर रह ही नहीं जाते हैं और आपस में कोरे ग्राहक और बेचक की तरह व्यवहार करते हैं । मानों दोनों एक-दूसरे को ठगने की घात में हों । एक की हानि में दूसरे को अपना लाभ दीखता है और यह बाज़ार का, बल्कि इतिहास का; सत्य माना जाता है । ऐसे बाज़ार को बीच में लेकर लोगों में आवश्यकताओं का आदान-प्रदान नहीं होता; बल्कि शोषण होने लगता है, तब कपट सफल होता है, निष्कपट शिकार होता है । ऐसे बाज़ार मानवता के लिए विडंबना हैं ।

(क) सद्भाव का ह्रास कब होता है ? उसके क्या परिणाम होते हैं ?

(ख) स्वभाव में ग्राहक-विक्रेता व्यवहार क्यों आ जाता है ? इसके लक्षण क्या हैं ?

(ग) “ऐसे बाज़ार को’ कथन से लेखक का क्या तात्पर्य है ? वे मानवता के लिए विडंबना क्यों हैं ?

(घ) इस गद्यांश में आज की उपभोक्तावादी प्रवृत्ति की क्या-क्या विशेषताएँ दिखाई पड़ती

  1. निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(क) भक्तिन लाट साहब तक लड़ने को तत्पर क्यों थी ? इससे उसके स्वभाव की कौन-सी विशेषता उजागर होती है ?

(ख) चार्ली चैप्लिन के व्यक्तित्व को निखारने में उसके व्यक्तिगत जीवन के संघर्षों का बड़ा हाथ है । सोदाहरण पुष्टि कीजिए ।

(ग) भारत-पाक के वर्तमान संबंधों को देखते हुए ‘नमक’ कहानी के संदेश की समीक्षा कीजिए।

(घ) हजारीप्रसाद द्विवेदी के द्वारा नेताओं और कुछ पुराने व्यक्तियों की अधिकार लिप्सा पर किए गए व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए ।

(ङ) जाति-प्रथा को श्रम-विभाजन का एक रूप न मानने के पीछे डॉ. आंबेडकर के तर्कों का उल्लेख कीजिए।

  1. पुराने होते जा रहे जीवन-मूल्यों और नए प्रचलनों के बीच यशोधर पंत के संघर्ष पर प्रकाश

डालिए।

(क) ‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के आधार पर सिंधु घाटी सभ्यता की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

(ख) अध्यापक के रूप में सौंदलगेकर के चरित्र की विशेषताओं पर ‘जूझ पाठ के आधार पर प्रकाश डालिए ।