Hindi 2017 Class 12

खंड – ‘क’

 

  1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

‘आधुनिक भारतीय भाषाएँ’ सुनकर आप इस भ्रम में न पड़ें कि ये सभी ‘आज’ की देन हैं । ये सभी

भाषाएँ अति प्राचीन हैं । अनेक तो सीधे संस्कृत या वैदिक भाषा से जुड़ती हैं । वे इस अर्थ में आधुनिक हैं कि

समय के साथ चलकर अतीत से वर्तमान तक पहुंची हैं और जीवंत और विकासशील बनी हुई हैं । उनके

आधुनिक होने का एक कारण यह भी है कि आधुनिक विचारों को वहन करने में वे कभी पीछे नहीं रहीं । इनका

साहित्य समय की कसौटी पर खरा उतरा है और ये सभी आधुनिक भारत की प्राणवायु हैं ।

किसी भी भाषा का पहला काम होता है दो व्यक्तियों या दो समूहों के बीच संपर्क स्थापित करने का माध्यम

बनना । यह मानव समूहों के बीच सेतु का काम करती है । इसे चाहे प्रकृति की देन मानिए चाहे ईश्वर की, भाषा

से बड़ी कोई देन नहीं है । विभिन्न क्षेत्रों में मानव की समस्त उपलब्धियाँ मूलत: भाषा की देन हैं ।

अब जहाँ तक हिंदी का प्रश्न है, उसमें उपर्युक्त विशेषताएँ तो हैं ही, साथ ही सबसे निराली विशेषता है उसकी नमनीयता । इसमें स्वाभिमान है, अहंकार नहीं । हिंदी हर परिस्थिति में अपने आपको उपयोगी बनाए रखना

जानती है । यह ज्ञान और शास्त्र की भाषा भी है और लोक की भी, उत्पादक की भी और उपभोक्ता की भी ।

इसीलिए यह स्वीकार्य भी है।

(क) गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए ।

(ख) आधुनिक विशेषण से हम किस भ्रम में पड़ सकते हैं ? उसे “भ्रम” क्यों कहा गया है ?

(ग) आज की भारतीय भाषाएँ किस अर्थ में आधुनिक हैं ? दो कारणों का उल्लेख कीजिए ।

(घ) कोई भाषा किनके बीच पुल बनाने का काम करती है ? कैसे ?

(ङ) हिंदी की निराली विशेषता क्या है ? उसका आशय समझाइए ।

(च) हिंदी की स्वीकार्यता के दो कारण स्पष्ट कीजिए ।

(छ) ‘नमनीयता’ से लेखक का क्या आशय है ?

(ज)आशय स्पष्ट कीजिए : ‘भाषा से बड़ी कोई देन नहीं है ।’

 

  1. निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

आज खोले वक्ष

उन्नत शीश, रक्तिम नेत्र

तुझको दे रहा हूँ, ले, चुनौती

गगनभेदी घोष में

दृढ़ बाहुदंडों को उठाए !

क्योंकि मैंने आज पाया है स्वयं का ज्ञान

क्योंकि मैं पहचान पाया हूँ कि मैं हूँ मुक्त, बंधनहीन

और तू है मात्र भ्रम, मन-जात, मिथ्या वंचना,

इसलिए इस ज्ञान के आलोक के पल में

मिल गया है आज मुझको सत्य का आभास

और ओ मेरी नियति !

मैं छोड़कर पूजा

– क्योंकि पूजा है पराजय का विनत स्वीकार –

बाँधकर मुट्ठी तुझे ललकारता हूँ,

सुन रही है तू ?

मैं खड़ा तुझको यहाँ ललकारता हूँ !

(क) कवि की चुनौती देने की मुद्रा कैसी है ?

(ख) चुनौती किसे दी जा रही है ? उसे कवि क्या मानता है ?

(ग) कवि को मिला ज्ञान और उसकी पहचान क्या है ?

(घ) कवि पूजा को क्या मानता है और क्यों ?

(ङ) काव्यांश का केंद्रीय भाव लिखिए ।

 

खंड – ‘ख’

 

  1. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए :

(क) भारतीय संस्कृति

(ख) महिला सशक्तीकरण

(ग) मेरा प्रिय लेखक

(घ) कश्मीर समस्या

सहकारी बैंक की एक शाखा अपने ग्राम में खोलने के लिए अनुरोध करते हुए ज़िला मुख्यालय में स्थित बैंक के प्रधान प्रबंधक को पत्र लिखिए । बैंक खोलने का औचित्य भी लिखिए ।

अथवा

 

अपने क्षेत्र के सांसद को पत्र लिखकर अनुरोध कीजिए कि आपके ग्राम में एक पुस्तकालय की स्थापना अपनी सांसद निधि से करवाएँ । इसका औचित्य भी समझाइए ।

 

  1. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए :

(क) समाचार शब्द के परिभाषित कीजिए ।

(ख) इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से क्या तात्पर्य है ?

(ग) मीडिया (माध्यम) के दो कार्यों का उल्लेख कीजिए ।

(घ) खोजपरक पत्रकारिता से आप क्या समझते हैं ?

(ङ) अपने प्रिय, किसी हिंदी दैनिक समाचार-पत्र के संपादन की दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।

  1. ‘स्वच्छ भारत अभियान’ अथवा ‘ज़रूरी है जल की बचत’ विषय पर एक आलेख लिखिए ।

7. “मुझे जन्म देने से पहले ही मत मारो माँ !” अथवा “जाति प्रथा : एक अभिशाप’ विषय पर एक फ़ीचर लिखिए।

 

खंड – ‘ग’

  1. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

 

तिरती है समीर-सागर पर

अस्थिर सुख पर दुख की छाया जग के दग्ध हृदय पर निर्दय विप्लव की प्लावित माया यह तेरी रण-तरी भरी आकांक्षाओं से, घन, भेरी-गर्जन से सजग सुप्त अंकुर उर में पृथ्वी के, आशाओं से नवजीवन की, ऊँचाकर सिर, ताक रहे हैं, ऐ विप्लव के बादल !

(क) कवि ने निर्दय किसे कहा है और क्यों ?

(ख) सोए हुए अंकुरों के जग जाने का कारण क्या है ? उनमें आशाओं का संचार कैसे हुआ ?

(ग) बादल को ‘ऐ विप्लव के बादल’ क्यों कहा गया है ?

(घ) आशय स्पष्ट कीजिए : तिरती है समीर-सागर पर अस्थिर सुख पर दुख की छाया

 

अथवा

जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास

पृथ्वी घूमती हुई आती है उनके बेचैन पैरों के पास

जब वे दौड़ते हैं बेसुध

छतों को नरम बनाते हुए

दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए

छतों के खतरनाक किनारों तक

उस समय गिरने से बचाता है उन्हें

सिर्फ उनके ही रोमांचित शरीर का संगीत

(क) काव्यांश में ‘वे’ । ‘उनके’ सर्वनाम किनके लिए प्रयुक्त हुए हैं ? वे क्या विशेष कर रहे हैं ?

(ख) आशय स्पष्ट कीजिए : जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास

(ग) ‘दौड़ते हैं बेसुध’ – उनकी बेसुधी के दो उदाहरण लिखिए ।

(घ) ‘छतों को नरम’ बनाना और “दिशाओं को मृदंग की तरह” बजाना का भाव लिखिए ।

 

  1. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

प्रभु प्रलाप सुनि कान विकल भए बानर निकर ।

आइ गयउ हनुमान जिमि करुना मँह बीर रस ।।

(क) काव्यांश के भाव सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए ।

(ख) काव्यांश के अलंकार सौंदर्य को स्पष्ट कीजिए ।

(ग) काव्यांश की भाषा की दो विशेषताएँ लिखिए ।

 

  1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(क) “रसका अक्षयपात्र’ कवि ने किसे कहा है ? ‘छोटा मेरा खेत’ कविता के आधार पर रचनाकर्म की

विशेषताएँ लिखिए।

(ख) ‘सहर्ष स्वीकारा है’ कविता में दक्षिण ध्रुवी अंधकार अमावस्या क्या है ? कवि उसी से ओतप्रोत हो जाना

क्यों चाहता है ?

(ग) ‘उषा’ कविता के आधार पर भोर के नभ का चित्रण अपने शब्दों में कीजिए ।

 

  1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

वह रूप का जादू है, पर जैसे चुंबक का जादू लोहे पर ही चलता है, वैसे ही इस जादू की भी मर्यादा है । जेब भरी हो, और मन खाली हो, ऐसी हालत में जादू का असर खूब होता है । जेब खाली पर मन भरा न हो, तो भी जादू चल जाएगा । कहीं हुई उस वक्त जेब भरी तब तो फिर वह मन किसकी मानने वाला है !

(क) किस जादू की चर्चा हो रही है ? उसे जादू क्यों कहा गया है ?

(ख) चुंबक और लोहे का उदाहरण क्यों दिया गया है ? स्पष्ट कीजिए।

(ग) इस जादू के असर में मन की भूमिका क्या है ?

(घ) आपके विचार से इस जादू से छुटकारा पाने का उपाय क्या हो सकता है ?

 

  1. निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए

(क) पाठ के आधार पर चार्ली चैप्लिन के व्यक्तित्व की तीन विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।

(ख) आप कैसे कह सकते हैं कि ‘नमक’ कहानी में भारत और पाक की जनता के आरोपित भेदभावों के बीच मुहब्बत का नमकीन स्वाद घुला हुआ है ?

(ग) अवधूत’ किसे कहा जाता है ? द्विवेदीजी ने शिरीष को कालजयी अवधूत क्यों कहा है ?

(घ) डॉ. आंबेडकर के विचार से दासता की व्यापक परिभाषा क्या है ? स्पष्ट कीजिए ।

(ङ) “भक्तिन संघर्षशील, स्वाभिमानी और कर्मठ है ।” पाठ के आधार पर प्रतिपादित कीजिए ।

खंड – ‘घ’

 

13. यशोधर अपने परिवार से किन जीवनमूल्यों की अपेक्षा रखते थे ? उनके मूल्य उन्हें ‘समहाउ इंप्रोपर’ क्यों लगते

थे ? स्पष्ट कीजिए।

 

  1. (क) सौंदलगेकर एक आदर्श अध्यापक क्यों प्रतीत होते हैं ? ‘जूझ’ कहानी के आधार पर उनकी विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

(ख) “डायरी के पन्ने” के आधार पर महिलाओं के प्रति ऐन फ्रेंक के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए।

 

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